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Friday, July 10, 2009

न खेत ना किसान खरीद लिया धान



मेरे किसी मित्र ने मुझसे पूछा की धान घोटाले के विषय में आप की क्या प्रतिक्रिया है......... मै आज ये सवाल जनता के मंच में रख रहा हु आप सभी प्रदेश में हुए धान घोटाले के विषय में जानते ही है , तो मै आप सभी से अपनी प्रतिक्रिया विचार हमें भेजने की पेशकश करता हु . हो सकता है कि हम किसान न हो पर यह कह कर हम बच नहीं सकते है इस तरह हम सभी भी धान धोटाला से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कही ना कही प्रभावित है , इसलिए आप ने धान घोटाले के सम्बन्ध में जो भी पढ़ा, सुना है जो भी जानकारी है और उससे आपके मन में उपजे सवाल , आपके विचार हमें जरुर भेजे .....
धन्यवाद

मेरे हिसाब से धान घोटाला अब पुराना विषय हो गया है. फिर भी प्रतिक्रिया दी जा सकती है.. ये घोटाला वैसे छोटा इसीलिये है क्योंकि अभी तो सिर्फ शुक्रवार , शनिवार , और इतवार के नाम से ख़रीदी हुई है.. अभी तो जनवरी, फ़रवरी, और मार्च के नाम से भी बड़े घोटाले सामने आयेंगे..रीजनल और लोकल चैनल और अखबार वाले भी अपने पैकेज के चक्कर में छत्तीसगढ़ को बेच खाने में पीछे नहीं रहेंगे.


धन्यवाद एफ़ज रशीद जी , हा आप ने सही कहा धान घोटाला अब पुराना विषय हो गया है पर राज्य सरकार द्वारा अभी भी इससे जुड़े किसी भी तथ्यों को उजागर नहीं किया गया है और ना ही घोटाले से बचने या उसे रोकने के लिए किसी प्रकार से कोई एतियात्न कदम उठाये गए तो ऐसे में आप को क्या लगता है सब कुछ ठीक है या किसी बड़े साजिश से इंकार नहीं किया जा सकता ? जबकि सभी तरफ हर जगह से खबरे आ रही है कि किसानो ने धाना बेचा ही नहीं तो उनके नाम से ये कारनामा किसने कर दिखाया.
बहरहाल एक बात और भी सच है कि जनभागीदारी के को दूर कर छत्तीसगढ में सांप की जांच अजगर से करने का फैशन चल पड़ा है जिनका नतीजा सिफर ही होता है देखे इसमे और क्या निकल के आता है अभी तो परते खुलना शुरू हुई है ........

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