CG4भड़ास.com में आपका स्वागत है Welcome To Cg "Citizen" Journalism.... All Cg Citizen is "Journalist"!

Website templates

Sunday, March 29, 2009

"नाट फार वोट"



५० साल लग गए ये सुविधा पाने में "नाट फार वोट" पर अभी भी ये अधुरा है जब नाट फार वोट का अधिकार जनता को दिया ही जा रहा है तो इसे बलेट में शामिल करना चाहिए जैसे चुनाविं प्रत्याशियों के नाम होते है और चुनाव चिन्ह की ही तरह सबसे ऊपर "नाट फार वोट" एक चीन्ह के साथ अन्कित होना चाहिए ऐसा मेरा सुझाव है. सबसे पहले या ऊपर की पैरवी मै इस लिए कर रहा हु क्यों कि हिंदुस्तान में अभी साक्षरता १००% नहीं हुई है सो इसे बैलेट में ही शामिल करते हुए प्रथम स्थान पर ही रखना चाहिए ,यह व्यवस्था रजिस्टर के विकल्प से ज्यादा प्रभावी होगा .
इसकी आवश्यकता इसलिए भी ज्यादा है क्यों कि अब चुनाव में नेता कम व्यापारी ज्यादा है हा मै इन्हें व्यापारी ही कहुगा क्यों की टिकिट मिलने से से लेकर चुनाव ख़त्म होने तक वर्तमान खर्च का आकलन करे तो कम से कम ५ करोड़ तो होता ही होगा पर हे आकडे अनाधिक्रत है लेकिन सच भी . बावजूद इसके खुली आखो मे धुल डाल कर व्यापारी ही चुनावी मैदान में दिखाई देते है और बस ५ करोड़ लगाइए और ५० या ऊससे भी ज्यादा कमा लीजिये ये उनकी प्रतिभा पर निभर करता है जनता अब इन कमाऊ व्यापारी प्रत्याशी से निजात पाना चाहती है इस लिए भी "नाट फार वोट" का फार्मूला कारगर साबित होगा . पर इसमें एक पहलु और छुट रहा है मै सभी से पूछना चाहता हू कि चुनाव आयोग में तो "नाट फार वोट" का अधिकार जनता को दे दिया पर अगर देश में चुनाव के दौरान किसी निर्वाचन क्षेत्र में सभी ने अगर आपके इस "नाट फार वोट" प्रयोग करते हुए रजिस्टर में हस्ताक्षर कर वोट देने से मना कर दिया तो आप क्या करगे?
बहरहाल चुनाव में वोट करने ,अपने मतों का सही प्रयोग करने और ऐसे बहुत से प्रभावशाली विज्ञापन आपको वोट करने के लिए प्रेरित करते दिखाई देगे पर "नाट फार वोट" के ऐसे प्रभावशाली विज्ञापन और प्रचार प्रसार क्यों नहीं ? लगता है उन्हें डर है कि कही "नाट फार वोट" के चाहने वालो की संख्या ज्यादा हो गई तो फिर ये इनके गले की फांस ना बन जाये

0 comments:

Post a Comment

कुछ तो कहिये, क्यो की हम संवेदन हीन नही

अपने ब्लॉग पर पेज नंबर लगाइए


Send free text messages!
Please enter a cell phone number:

NO Dashes - Example: 7361829726

Please choose your recipient's provider:

Free SMS

toolbar powered by Conduit

Footer

  © Blogger template 'Tranquility' by Ourblogtemplates.com 2008

Back to TOP